- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- कांटे-चम्मच से डोसा...
कांटे-चम्मच से डोसा खाने का तरीका वायरल, लोगों ने कहा- हाथ से खाने का मजा अलग

नई दिल्ली। भारतीय खान-पान की परंपराओं में कई व्यंजन ऐसे हैं, जिनका स्वाद उन्हें खाने के तरीके से भी जुड़ा होता है। डोसा भी उन्हीं लोकप्रिय व्यंजनों में शामिल है, जिसे आमतौर पर हाथों से तोड़कर और चटनी-सांभर के साथ खाया जाता है। लेकिन अब सोशल मीडिया पर डोसा खाने के तरीके को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कांटे और चम्मच की मदद से डोसा खाने का तरीका बताया जा रहा है। इस वीडियो ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींचा है और इसे लेकर यूजर्स अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे शिष्टाचार का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि कई डोसा प्रेमियों का कहना है कि हाथों से खाने का अनुभव ही सबसे बेहतर होता है।
वायरल वीडियो ‘द वेस्टर्न विंग्स स्पोकन इंग्लिश’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है। वीडियो में एक ट्रेनर कांटे और चम्मच की मदद से डोसा खाने का तरीका समझाते हुए नजर आ रहा है। वीडियो में बताया गया है कि किस तरह किसी औपचारिक माहौल में डोसा जैसे भारतीय व्यंजन को कटलरी की मदद से खाया जा सकता है।
वीडियो का उद्देश्य संभवतः उन लोगों को सिखाना है, जो किसी विदेशी या औपचारिक माहौल में भारतीय भोजन खाते समय शिष्टाचार को लेकर असहज महसूस करते हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर बहस छिड़ गई है।
कई यूजर्स ने कहा कि डोसा जैसे पारंपरिक व्यंजन को हाथ से खाने का अपना अलग आनंद है। उनका कहना है कि हाथों से खाना भारतीय संस्कृति और भोजन परंपरा का हिस्सा रहा है। हाथों से खाने पर भोजन के तापमान, बनावट और स्वाद को बेहतर तरीके से महसूस किया जा सकता है।
कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डोसा, इडली, पूरी और अन्य भारतीय व्यंजनों का असली स्वाद हाथों से खाने में ही आता है। उन्होंने कहा कि हर भोजन को पश्चिमी तौर-तरीकों के अनुसार खाने की जरूरत नहीं है।
वहीं, कुछ लोगों ने वीडियो का समर्थन भी किया। उनका कहना है कि अलग-अलग परिस्थितियों में भोजन करने के तरीके अलग हो सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति किसी औपचारिक कार्यक्रम, विदेशी मेहमानों के साथ भोजन या किसी खास माहौल में डोसा खाना चाहता है, तो कांटे और चम्मच का इस्तेमाल गलत नहीं है।
खान-पान विशेषज्ञों के अनुसार, भोजन करने का तरीका व्यक्ति की सुविधा, संस्कृति और परिस्थिति पर निर्भर करता है। दुनिया के कई देशों में भी लोग अपने पारंपरिक भोजन को अलग-अलग तरीकों से खाते हैं। भारत में भी कुछ लोग हाथों से खाना पसंद करते हैं, जबकि कुछ लोग कटलरी का इस्तेमाल करना सुविधाजनक मानते हैं।
डोसा दक्षिण भारतीय व्यंजनों में एक खास स्थान रखता है। चावल और उड़द दाल से तैयार होने वाला यह व्यंजन भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में लोकप्रिय है। इसे आमतौर पर सांभर, नारियल चटनी और अन्य चटनियों के साथ परोसा जाता है।
भारतीय भोजन परंपरा में हाथों से खाना केवल आदत नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव भी माना जाता है। आयुर्वेद में भी हाथों से भोजन करने की परंपरा का उल्लेख मिलता है। माना जाता है कि हाथों से खाने से व्यक्ति भोजन के प्रति अधिक जुड़ाव महसूस करता है।
हालांकि, बदलते समय के साथ भोजन करने के तरीकों में भी बदलाव आया है। होटल, रेस्तरां और अंतरराष्ट्रीय माहौल में लोग अक्सर चाकू, कांटे और चम्मच का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में डोसा खाने का यह नया तरीका भी इसी बदलती संस्कृति का हिस्सा माना जा सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने एक बार फिर परंपरा और आधुनिकता के बीच बहस को जन्म दे दिया है। जहां एक ओर लोग भारतीय खाने के पारंपरिक तरीके को पसंद कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग नए तरीकों को अपनाने में भी कोई परेशानी नहीं मानते।
फिलहाल डोसा खाने के सही तरीके को लेकर कोई एक नियम नहीं है। यह पूरी तरह व्यक्ति की पसंद और परिस्थिति पर निर्भर करता है। लेकिन इतना जरूर है कि इस वायरल वीडियो ने भारतीय भोजन संस्कृति और खाने के तौर-तरीकों पर एक दिलचस्प चर्चा जरूर शुरू कर दी है।





